26 January Speech In Hindi | 26 January Speech In Hindi 2019 |

26 January Speech In Hindi

26 January Speech In Hindi Hello friends we all know that there are lots of people who speak 26 January Speech In Hindi. It may be in Hindi or English language. If you are searching for 26 January Speech In Hindi. you are in the right place.
26 January Speech In Hindi 


26 January Speech In Hindi

आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सभी अध्यापकगण और मेरे प्यारे मित्रों, आज हम सब यहाँ गणतंत्र दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं|
प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस, भारत के राष्ट्रीय पर्वो में से एक है, जिसे प्रत्येक भारतवासी पूरे उत्साह, जोश और सम्मान के साथ मनाता है. 26 January Speech In Hindi
सन् 1930 से भारत के क्रांतिकारी भारत को एक संविधान वाला देश बनाना चाहते थे लेकिन 26 जनवरी सन् 1950 को हमारे देश को पूर्ण स्वायत्त गणराज्य घोषित किया गया था और इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था.
यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को भारत का गणतंत्र दिवस मनाया जाता है|
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आओ मिल कर तिरंगा लहराये, आओ तिरंगा फहराये
अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमे, नाचे, खुशी मनाये।
अपना 69वाँ गणतंत्र दिवस खुशी से मनायेगे
देश पर कुर्बान हुये शहीदों पर श्रद्धा सुमन चढ़ायेंगे।
26 जनवरी 1950 को अपना गणतंत्र लागू हुआ था,
भारत के पहले राष्ट्रपति, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने झंड़ा फहराया था,
मुख्य अतिथि के रुप में सुकारनो को बुलाया था,
थे जो इंडोनेशियन राष्ट्रपति, भारत के भी थे हितैषी,
था वो ऐतिहासिक पल हमारा, जिससे गौरवान्वित था भारत सारा।
विश्व के सबसे बड़े संविधान का खिताब हमने पाया है,
पूरे विश्व में लोकतंत्र का डंका हमने बजाया है।
इसमें बताये नियमों को अपने जीवन में अपनाये,
थाम एक दूसरे का हाथ आगे-आगे कदम बढ़ाये,
आओ तिरंगा लहराये, आओ तिरंगा फहराये,
अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमे, नाचे, खुशी मनाये|

26 January Speech In Hindi

आप सभी को सुप्रभात। मेरा नाम _____है और मैं____कक्षा में पढता हूँ / शिक्षक हूँ। जैसे की हम सब जानते हैं आज हम साब यहाँ इस विशेष अवसर पर एकत्र हुए हैं जिसे हम भारत के गणतंत्र दिवस के नाम से जानते हैं।
मैं आज के इस महान दिन में आप सभी लोगों को भारत के गणतंत्र दिवस के विषय में कुछ महत्वपूर्ण बातें बताना चाहता हूँ। आप सभी लोगों का मैं शुक्रिया करना चाहता हूँ की आप लोगों ने मुझे यह अद्भुत अवसर दिया ताकि में अपने प्यारे देश के विषय में इस महान दिन पर अपने कुछ शब्द आप लोगों के समक्ष रख सकूं।

26 January Speech In Hindi
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26 January Speech In Hindi

हमारा देश भारत 15 अगस्त 1947 से स्वराज्य बन चूका है। भारत को ब्रिटिश सरकार / हुकूमत से 15 अगस्त को आज़ादी मिली थी। परन्तु हमारे देश का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागु हुआ और हम उस दिन को पूर्ण रूप से आजादी मानते हैं इसलिए हम अपनी आज़ादी की ख़ुशी में प्रतिवर्ष यह उत्सव मनाते हैं।

26 January Speech In Hindi

इस वर्ष 2017 को हम भारतवासी, हमारे देश भारत का 68वां गणतंत्र दिवस आज मना रहे हैं। रिपब्लिक या गणतंत्र का मतलब होता है लोगों की सर्वोच्च शक्ति यानि की देश में लोगों के ऊपर अपने राजनीतिक नेता को चुनने का अधिकार होता है। हमारे महान स्वतंत्रता सेनानीयों के कड़ी मेहनत और संघर्ष के पश्चात ही भारत को पूर्ण स्वराज मिला। उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया ताकि हमें वो जुल्म सहना ना पड़े और हमारा देश भारत आगे बढ़ सके।
हमारे कुछ महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और नेताओं के नाम हैं महात्मा गाँधी, भगत सिंह, चन्द्र शेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार बल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री। उन्होंने लगातार कई वर्षों तक ब्रिटिश सरकार का सामना किया और हमारे वतन को आज़ाद कराया। उनके इस बलिदान को हम कभी भी भुला नहीं सकते हैं और उन्हें हमेशा एक महान उत्सव और समारोह के जैसे ही दिल से याद करना चाहिए क्योंकि उन्ही की वजह से आज हम अपने देश में आज़ादी से सांस ले पा रहे हैं।
हमारे प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जिन्होंने कहा था, ” हमारे पूर्ण महान और विशाल देश के अधिकार को को हमने एक ही संविधान और संघ में पाया है जो देश में रहने वाले 320 लाख पुरुषों और महिलाओं के कल्याण की जिम्मेदारी लेता है।

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'गणतंत्र' का अर्थ है- देश में रहने वाले लोगों की सर्वोच्च शक्ति और सही दिशा में देश के नेतृत्व के लिए राजनीतिक नेता के रूप में अपने प्रतिनिधि को चुनने के लिए केवल जनता के पास अधिकार है। इसलिए भारत एक गणतंत्र देश है, जहां आम जनता अपना नेता, प्रधानमंत्री के रूप में चुनती है। भारत में 'पूर्ण स्वराज' के लिए हमारे महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने बहुत संघर्ष किया। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी जिससे कि हमारी आने वाली पीढ़ी को कोई संघर्ष न करना पड़े और हम देश को आगे लेकर जा सकें।
हमारे देश के महान नेता और स्वतंत्रता सेनानी महात्मा गांधी, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री आदि हैं। भारत को एक आजाद देश बनाने के लिए इन लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ी। अपने देश के लिए हम इनके समर्पण को कभी नहीं भूल सकते हैं। हमें ऐसे महान अवसरों पर इन्हें याद करते हुए सलामी देनी चाहिए। केवल इन लोगों की वजह से ये मुमकिन हुआ कि हम अपने दिमाग से सोच सकते हैं और बिना किसी दबाव के अपने राष्ट्र में मुक्त होकर रह सकते हैं।
डॉ. अब्दुल कलाम ने कहा है कि अगर एक देश भ्रष्टाचार मुक्त होता है तो सुंदर मस्तिष्क का एक राष्ट्र बनता है। उनका मानना था कि 3 प्रधान सदस्य हैं, जो अंतर पैदा कर सकते हैं। वे हैं- माता, पिता और एक गुरु। भारत के एक नागरिक के रूप में हमें इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी मुमकिन प्रयास करना चाहिए। हमें जिम्मेदारी लेनी चाहिए तथा सामाजिक मुद्दों जैसे गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वॉर्मिंग, असमानता आदि से अवगत रहना चाहिए और अपने स्तर पर योगदान देना चाहिए।
26 January Speech In Hindi
गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर तिरंगा फहराया जाता है। फिर राष्ट्रगान गाया जाता है और 21 तोपों की सलामी होती है। 1957 में सरकार ने बच्चों के लिए 'राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार' शुरू किया था। बहादुरी पुरस्कार 16 साल से कम उम्र के बच्चों को अलग-अलग क्षेत्र में बहादुरी के लिए दिया जाता है। गणतंत्र दिवस के मौके पर अशोक चक्र और कीर्ति चक्र जैसे महत्वपूर्ण सम्मान दिए जाते हैं। इसके बाद हमारी सेना अपना शक्ति प्रदर्शन और परेड मार्च करती है।
हर साल 26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ पर होने वाली परेड में पुरुष जवान हैरतअंगेज स्टंट दिखाते रहे हैं लेकिन इस बार महिलाएं स्टंट करेंगी। 'सीमा भवानी' नाम के इस दल की महिलाएं इस बार हैरतअंगेज स्टंट जैसे पिरामिड, फिश राइडिंग, शक्तिमान, बुल फाइटिंग, सीमा प्रहरी और अन्य हैरतअंगेज करतब दिखाने की तैयारी में हैं और ये हमारे लिए बड़े गौरव की बात है। इससे इस बात का प्रमाण मिलता है कि समाज में महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।
और अंत में...
धन्यवाद, जय हिन्द...!

26 January Speech In Hindi
हमारे देश में 26 जनवरी की उत्सव अपने देश की इतिहास की याद में मनाया जाता है| 26 जनवरी के दिन भारत की संविधान की लागू हुई थी| भारत को अंग्रेज़ों से पूर्ण मुक्ति या कहें स्वराज दिलाने के लिए लाहौर में रवि नदी के किनारे भारत की क्रांतिकारियों ने सन 1930 को प्रतिज्ञा की थी| ये प्रतिज्ञान 15 अगस्त 1947 को साकार हुआ| इसी कारण 15 अगस्त की तिथि भी  की उत्सवों की सूचि में गिना जाता है|
हमारे देश में 26 जनवरी को एक उत्सव के रूप में 26 जनवरी 1950 से माना जा रहा है| इसी दिन भारत को अपनी संविधान हासिल हुआ था|
26 जनवरी को भारत में रिपब्लिक डे के नाम से माना जाता है| इस दिन की याद में सरकार ने इस दिन को एक जातीय दिवस के रूप में घोषणा की है|

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हमें अपने देश को अपना परिवार मानना होगा और पुरे जिम्मेदारी से इसकी आंन और शान की रक्षा करना होगा|
तोह आइए हम और आप मिल कर हमारे देश भारत की गर्व को बनाये रखने की कसम खाते हें और सच्चा देश भक्त बन्ने की मुहीम में जूट जाते हें|
हमें निचे कमेंट बॉक्स में ये जरुर बताएं की आपको हमारे इस गणतंत्र दिवस पर निबंध व भाषण कैसे लगा| साथ ही हमारे इस आर्टिकल को अपने दोस्तों और नजदीकियों से जरुर शेयर करें ताकि हमें अपने इस नेक ख़याल को हर देश वासी तक पहुंचाने में मदद होगी|
हमें ये जरुर बताएं की आप अपने देश के लिए किस रूप से मददगार बनना पसंद करेंगे| आप की अमूल्य अनगिनत कमेंट्स और प्यार हमें ऐसी ही आर्टिकल्स लिखने के लिए काफी प्रोत्साहित करता है|
धन्यवाद!
जय हिन्द!
26 January Speech In Hindi
मैं अपने आदरणीय प्रधानाध्यापक, मेरे शिक्षकगण, मेरे वरिष्ठ और सहपाठीयों को सुबह का नमस्कार कहना चाहूंगा। चलिये मैं आप सबको इस खास अवसर के बारे में कुछ जानकारी देता हूं। आज हम सभी अपने राष्ट्र का 66वां गणतंत्र दिवस मना रहें हैं। 1947 में भारत की आजादी के ढाई साल बाद इसको मनाने की शुरुआत सन् 1950 से हुई। हम इसे हर वर्ष 26 जनवरी को मनाते हैं क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान अस्तित्व में आया था। 1947 में ब्रिटिश शासन से आजादी पाने के बाद, भारत एक स्व-शासित देश नहीं था आर्थात् एक संप्रभु राज्य नहीं था। भारत एक स्व-शासित देश बना जब 1950 में इसका संविधान लागू हुआ।
भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसका यहाँ पर शासन करने के लिये कोई राजा या रानी नहीं है हालांकि यहाँ की जनता यहाँ की शासक है। इस देश में रहने वाले हरेक नागरिक के पास बराबर का अधिकार है, बिना हमारे वोट के कोई भी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री नहीं बन सकता है। देश को सही दिशा में नेतृत्व प्रदान करने के लिये हमें अपना सबसे अच्छा प्रधानमंत्री या कोई भी दूसरा नेता चुनने का ह़क है। हमारे नेता को अपने देश के पक्ष में सोचने के लिये पर्याप्त दक्षता होनी चाहिये। देश के सभी राज्यों, गाँवों और शहरों के बारे में उसको एक बराबर सोचना चाहिये जिससे नस्ल, धर्म, गरीब, अमीर, उच्च वर्ग, मध्यम वर्ग, निम्न वर्ग, अशिक्षा आदि के बिना किसी भेदभाव के भारत एक अच्छा विकसित देश बन सकता है।


26 January Speech In Hindi

देश के पक्ष में हमारे नेताओं को प्रभुत्वशाली प्रकृति का होना चाहिये जिससे हर अधिकारी सभी नियमों और नियंत्रकों को सही तरीके से अनुसरण कर सकें। इस देश को एक भष्ट्राचार मुक्त देश बनाने के लिये सभी अधिकारियों को भारतीय नियमों और नियामकों का अनुगमन करना चाहिये। “विविधता में एकता” के साथ केवल एक भष्टाचार मुक्त भारत ही वास्तविक और सच्चा देश होगा। हमारे नेताओं को खुद को एक खास व्यक्ति नहीं समझना चाहिये, क्योंकि वो हम लोगों में से ही एक हैं और देश को नेतृत्व देने के लिये अपनी क्षमता के अनुसार चयनित होते हैं। एक सीमित अंतराल के लिये भारत के लिये अपनी सच्ची सेवा देने के लिये हमारे द्वारा उन्हें चुना जाता है। इसलिये, उनके अहम और सत्ता और पद के बीच में कोई दुविधा नहीं होनी चाहिये।
भारतीय नागरिक होने के नाते, हम भी अपने देश के प्रति पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। हमें अपने आपको नियमित बनाना चाहिये, ख़बरों को पढ़ें और देश में होने वाली घटनाओं के प्रति जागरुक रहें, क्या सही और गलत हो रहा है, क्या हमारे नेता कर रहें हैं और सबसे पहले क्या हम अपने देश के लिये कर रहें हैं। पूर्व में, ब्रिटिश शासन के तहत भारत एक गुलाम देश था जिसे हमारे हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों के द्वारा बहुत वर्षों के संर्घषों के बाद आजादी प्राप्त हुई। इसलिये, हमें आसानी से अपने सभी बहुमूल्य बलिदानों को नहीं जाने देना चाहिये और फिर से इसे भ्रष्टाचार, अशिक्षा, असमानता और दूसरे सामाजिक भेदभाव का गुलाम नहीं बनने देना है। आज का दिन सबसे बेहतर दिन है जब हमें अपने देश के वास्तविक अर्थ, स्थिति, प्रतिष्ठा और सबसे जरुरी मानवता की संस्कृति को संरक्षित करने के लिये प्रतिज्ञा करनी चाहिये।
धन्यवाद, जय हिन्द
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सम्मानीय प्रधानाचार्य, अध्यापक, अध्यापिकाएं, मेरे सहपाठियों को सुबह की नमस्ते। मेरा नांम.......। मैं कक्षा.......में पढ़ता/पढ़ती हूँ। मैं आपके सामने गणतंत्र दिवस पर भाषण दे रहा/रही हूँ। मैं अपने कक्षा अध्यापक की बहुत आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे गणतंत्र दिवस के इस महान अवसर पर अपने विचार रखने का मौका दिया। मेरे प्यारे मित्रों, हम इस राष्ट्रीय उत्सव को हर साल संविधान निर्माण की याद और इसके सम्मान में मनाया जाता है। ये सभी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षक और विद्यार्थियों द्वारा मनाया जाता है, हांलाकि, पूरे देश के सभी राज्यों के सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों में भी मनाया जाता है। मुख्य कार्यक्रम, भारत के राष्ट्रपति और दूसरे देश के आमंत्रित मुख्य अतिथि के सामने राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली, राजपथ, इंडिया गेट पर होता है। एक भव्य समारोह परेड भारत के लिये अपनी कृतज्ञता प्रदर्शित करने के लिये राजपथ पर आयोजित की जाती है।
इस दिन पर, भारत का संविधान 1950 में अस्तित्व में आया था, हांलाकि, इसे संविधान सभा के द्वारा 26 नवम्बर 1949 को ग्रहण किया गया था। 26 जनवरी को, 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वारा भारत को पूर्ण स्वराज्य घोषित किया गया था यही कारण है कि 26 जनवरी को ही भारत के संविधान को लागू करने के लिये चुना गया। इसके क्रियाशील होने के बाद, भारतीय संघ, आधिकारिक रुप से इसी समय से भारत गणतंत्र राज्य हो गया जिसने भारतीय सरकार अधिनियम 1935 को मौलिक सरकार कागजातो से प्रतिस्थापित कर दिया। हमारा देश संविधान के द्वारा समप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और लोकतांत्रिक गणतंत्र घोषित कर दिया गया। हमारा संविधान भारत के नागरिकों के बीच न्याय, स्वतंत्रता और सम्मान को सुनिश्चित करता है।


26 January Speech In Hindi
हमारे संविधान का प्रारुप संविधानिक सभा (389 सदस्य) द्वारा बनाया गया था। इसके निर्माण में लगभग तीन साल (वास्तव में, 2 साल, 11 महीने और 18 दिन) लगे थे। संविधान सभा के द्वारा 1947 में, 29 अगस्त को, डॉ. भीम राव अम्बेडकर की अध्यक्षता में प्रारुप समिति का निर्माण किया था। प्रारुप समिति के मुख्य सदस्य डॉ.भीम राव अम्बेडकर, जवाहर लाल नेहरु, गणेश वासुदेव मालवांकर, सी.राजगोपालचार्य जी, संजय पाखे, बलवंत राय मेहता, सरदार वल्लभभाई पटेल, कैन्हया लाल मुंशी, राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना अब्टुस कलाम आजाद, नालिनी रजन घोष, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और संदीप कुमार पटेल थे। प्रारुप समिति के सभी सदस्यों में से लगभग 30 से ज्यादा सदस्य अनुसूचित जाति से थे। समिति की कुछ महत्वपूर्ण महिलाएं सरोजनी नायडू, राजकुमारी अमृत कौर, दुर्गा देवी देशमुख, हंसा मेहता और विजय लक्ष्मी पंड़ित थी। भारत का संविधान नागरिकों को खुद की सरकार चुनने के लिये अधिकार देता है।
भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, हांलाकि, संविधान को ग्रहण करने के बाद ये सम्प्रभु, लोकतांत्रिक और गणतंत्र बना था। राष्ट्रीय राजधानी में, राष्ट्रीय तिरंगे को 21 तोपो की सलामी दी जाती है और इसके बाद राष्ट्रीयगान जन-गण-मन गाया जाता है। भारत के राष्ट्रपति और मुख्य अतिथि के सामने भारतीय सेना के द्वारा आयोजित की जाती है। स्कूल के बच्चे भी परेड में भाग लेकर नृत्य और गाने के माध्यम से अपनी कलात्मकता को प्रदर्शित करते हैं। भारत की विविधता में एकता दिखाने के लिये ये राजपथ पर राज्यों के अनुसार झांकियों को शामिल करता है।
धन्यवाद, जय हिन्द
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1 comment:

  1. Wish you a very 26 January Happy Republic Day 2019 to all of you. January 26 is our Republic Day. We celebrate this day every year. In 1950, our India became a sovereign democratic republic and it had its own constitution.
    Source: https://www.26januaryhappyrepublicday.in/

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